हरिद्वार। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर और धर्म संसद के संयोजक यति नरसिंहानंद गिरी ने अपनी हत्या की आशंका जताई है। हत्या की आशंका से भयभीत यति नरसिंहानंद ने सर्वानंद घाट पर रात्रि विश्राम नहीं करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीती रात कुछ असामाजिक तत्व उनकी रेकी कर रहे थे। जिनको चिन्ह्ति करने का प्रयास किया गया तो वह मौके से भाग निकले। जूना अखाड़े के महामंडेलश्वर और धर्म संसद के संयोजक यति नरसिंहानंद गिरी, जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की रिहाई का इंतजार सर्वानंद घाट पर चार दिन से कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह किसी प्रकार का धरना नहीं दे रहे हैं बल्कि केवल जितेंद्र नारायण सिंह की रिहाई का इंतजार कर रहे हैं। रविवार को प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा है कि उनकी लगातार रेकी की जा रही है। जिससे वह अपनी हत्या की आशंका से भयभीत भी हैं। इसके चलते अब वे और उनके साथी स्वामी अमृतानंद रात को सर्वानंद घाट पर विश्राम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्व उनकी लगातार रेकी भी कर रहे हैं। जबकि रात को उनके साथ बैठे हिन्दू स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं ने ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्ह्ति करने की कोशिश की तो वह भाग गए। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि वो इस बात से बिल्कुल भयभीत नहीं हैं कि असामजिक तत्व उनकी हत्या कर देंगे परन्तु उन्हें भय है कि अगर उन पर हमला किया गया और उन्होंने आत्मरक्षा हेतु प्रयास किया तो हरिद्वार पुलिस और प्रशासन उन्हीं पर मुकदमा दर्ज कर जेल भिजवा देगी।
बोले चौहान, 70 सदस्यीय दल उत्तर प्रदेश में होगा प्रचार को रवाना
Sun Feb 20 , 2022
देहरादून। उत्तर प्रदेश में चल रहे विधान सभा चुनावों के लिए 70 सदस्यों की टीम उतराखंड से भी प्रतिभाग करेगी। पार्टी के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश महामन्त्री संगठन अजेय जी के मार्गदर्शन में लगभग 70 से 80 प्रमुख कार्यकर्ता अलग-अलग क्षेत्रों में […]
