हरक ने कहा कि 2016 में जब मैंने बगावत की उसके बाद भी लगातार सोनिया गांधी की मैंने तारीफ की है। लगातार टीवी चैनलों पर भी कहा था कि सोनिया गांधी का कई एहसान हैं। उन्होंने लगातार मुझ पर भरोसा किया है। कहा कि कोई माफीनामा नहीं दिया गया है। राजनीति में माफीनामा की कोई जगह नहीं होती है। मैं यहां एक गिलहरी की तरह भूमिका अदा करूंगा। हरक ने इस दौरान भाजपा पर कई आरोप लगाए। कहा कि टिकट की बातें झूठ थीं। हरक सिंह रावत को शामिल कराने से पहले ही कांग्रेस ने अपना शुरुआती ब्ल्यू प्रिंट तैयार कर लिया था। विधानसभा चुनाव में हरक भाजपा के खिलाफ प्रचार का अहम किरदार होंगे। सूत्रों के अनुसार हरक को केवल एक टिकट दिया जाएगा, जिस पर उनकी बहू अनुकृति गुसाईं लैंसडौन सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। हरक को कांग्रेस के लिए प्रचार करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। दिल्ली में मौजूद सूत्रों ने कांग्रेस के इस फार्मूले की पुष्टि की है। उनका कहना है कि अभी प्रारंभिक स्तर पर इस फार्मूले पर कुछ सहमति बनी है। आगे इस विषय पर पूर्व सीएम हरीश रावत और शीर्ष नेता मंथन कर रहे हैं। हाईकमान जो भी तय करेगा, वहीं अंतिम होगा।